Who Will Be Cm Candidate Of Bjp In Uttar Pradesh – बीजेपी किसे बनाएगी सीएम, अगड़े को या पिछड़े को?



Who Will Be Cm Candidate Of Bjp In Uttar Pradesh

यूपी विधानसभा चुनाव 2017 की 403 सीटों के चुनाव परिणामों के लिए काउंटिंग जारी है. नतीजे कुछ देर में सामने आ जाएंगे. मगर बड़ा सवाल ये है कि आखिर सत्‍ता के समीकरण कैसेे बनेंगे.
यूपी चुनाव के एग्‍जिट पोल में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में बीजेपी सामने आ रही है. ऐसे में लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि पार्टी किसे प्रदेश का सीएम बनाएगी. अगड़े को या फिर पिछड़े को?

बीजेपी और आरएसएस की ब्राह्मण लॉबी कलराज मिश्र, लखनऊ के मेयर दिनेश शर्मा सहित कई नेता जोर लगा रहे हैं. लेकिन अगड़ों में सबसे मजबूत नाम राजनाथ सिंह और योगी आदित्‍यनाथ का बताया जा रहा है.

बीजेपी ने यूपी में किसी एक चेहरे पर चुनाव लड़ने की जगह अपने चुनावी वाहनों और रथों में चार लोगों को जगह दी. इनमें केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्र, मध्‍य प्रदेश की पूर्व सीएम उमा भारती और प्रदेश अध्‍यक्ष केशव प्रसाद मौर्य शामिल रहे.
बीजेपी ने न तो योगी आदित्‍यनाथ की नाराजगी की परवाह की और न ही वरुण गांधी की और केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्‍हा को भी खास तवज्‍जो नहीं दी. लेकिन सिन्‍हा सीएम की दौड़ में शामिल हैं.

बीजेपी ने अपनी सोशल इंजीनियरिंग में इस बार अपने कोर मतदाताओं (ब्राह्मण, ठाकुर, बनिया) की तरह ही पिछड़ों को भी तवज्‍जो दी. फूलपुर से सांसद केशव प्रसाद मौर्य को जिस तरह से पीएम मोदी और अमित शाह ने आगे बढ़ाया है उससे लोग उन्‍हें पिछड़ों में सीएम पद का बड़ा दावेदार मान रहे हैं. सूत्र बता रहे हैं दिल्‍ली में बैठा ‘चाय वाला’ यूपी में ‘चाय वाले’ को बैठा सकता है. केशव प्रसाद मौर्य पहले चाय बेचते थे.
दूसरी ओर बीजेपी और आरएसएस की ब्राह्मण लॉबी कलराज मिश्र, लखनऊ के मेयर दिनेश शर्मा के नाम जोर लगा रही है. केंद्रीय पर्यटन मंत्री महेश शर्मा और पार्टी के राष्‍ट्रीय सचिव श्रीकांत शर्मा भी जोर लगा रहे हैं. केंद्रीय मंत्री स्‍मृति ईरानी भी लाइन में हैं. लेकिन अगड़ों में सबसे मजबूत नाम राजनाथ सिंह और योगी आदित्‍यनाथ का बताया जा रहा है. हाल में ही योगी ने कहा था कि उनमें मुख्‍यमंत्री बनने की सारी योग्‍यताएं हैं.

लंबे समय से बीजेपी को कवर करने वाले वरिष्‍ठ पत्रकार सुभाष निगम का कहना है कि जो बीजेपी की प्रकृति है उसके हिसाब से वह पिछड़े वर्ग पर शायद ही दांव लगाए. यह मूलत: अगड़ों की पार्टी है और इसलिए ज्‍यादातर अगड़े नेता अपनी गोटियां फिट करने में जुटे हुए हैं.

हरियाणा में मनोहरलाल की तरह ऐसा चेहरा भी सामने आ सकता है जिसकी किसी को उम्‍मीद नहीं है. वैसे बीजेपी का बहुमत आने पर सीएम वही बनेगा जिसे संघ का समर्थन हासिल होगा.