Rajnath Singh Exclusive Interview With News18 India – एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में राजनाथ सिंह ने बताया- यूपी में सीएम चेहरा क्यों घोषित नहीं किया?



Rajnath Singh Exclusive Interview With News18 India

उत्तर प्रदेश चुनाव अपने आखिरी पड़ाव पर है. ऐसे में हर राजनीतिक पार्टी अपने चुनाव प्रचार के अंतिम चरण में पूरी ताकत झोंक रही है. भारत के गृहमंत्री और यूपी की राजनीति के कद्दावर नेता राजनाथ सिंह ने न्यूज18इंडिया से एक्सक्लूसिव बातचीत में कहा कि प्रदेश में निश्चित रूप से बीजेपी का परचम लहराएगा. उन्होंने कहा कि भाजपा का 14 साल का वनवास खत्म होगा और वो उत्तर प्रदेश में पूर्ण बहुमत से सरकार बनाएगी.
आगे पढ़िए राजनाथ सिंह से पूछे गए सवाल और उनका जवाब…
सवाल – भाजपा पर ध्रुवीकरण फैलाने का आरोप लगा है?

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जवाब- किसी भी सूरत में हम ध्रुवीकरण की राजनीति पर विश्वास नहीं करते. भारत में हम सभी धर्मों को मानने वाले लोगों को साथ लेकर चलना चाहते हैं और यही हमारी कोशिश रहेगी.
सवाल- प्रधानमंत्री पर भी ध्रुवीकरण फैलाना का आरोप है?
जवाब- प्रधानमंत्री पर जो ध्रुवीकरण का आरोप लगाते हैं, वो बेबुनियाद आरोप हैं. श्मशान और कब्रिस्तान वाली बात का भी लोगों ने गलत प्रस्तुतिकरण किया. हम सबका साथ-सबका विकास वाली राजनीति पर चलते हैं. हम धर्म के आधार पर राजनीति नहीं करते हैं और ना ही भविष्य में करेंगे.
प्रधानमंत्री के ऊपर बहुत सारे लोगों ने बेबुनियाद और निराधार आरोप लगाए हैं. मैं समझता हूं कि इसकी जितनी भी निंदा की जाए वो कम है. इस सच्चाई को सबको समझना चाहिए कि प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति कोई व्यक्ति विशेष नहीं हैं, ये स्वयं में एक संस्था हैं. कोई भी संस्था हो या फिर व्यवस्था, उसके खिलाफ प्रतिष्ठा किसी भी सूरत में कम ना होने पाए, ये सबको ध्यान रखना चाहिए.
अगर किसी संस्था की प्रतिष्ठा कम होती है तो इससे किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा कम नहीं होती, बल्कि उसका खामियाजा पूरे समाज और देश को भुगतना पड़ता है.
सवाल- अखिलेश के गधों वाले बयान पर आप क्या कहेंगे?
जवाब- ये जो बातें कही गई हैं इसकी जितनी निंदा की जाए उतना कम है.
सवाल- आपकी पार्टी के नेताओं को थोड़ा संयम रखना चाहिए था?
जवाब- संयम तो सबको रखना चाहिए और हमारी पार्टी ने इसकी पूरी कोशिश भी की है. हो सकता है कि किसी ने कुछ कह दिया हो तो मैं नहीं कह सकता, लेकिन इससे सबको बचना चाहिए. लोकतांत्रिक व्यवस्था में सबको इसके प्रति सजग रहना चाहिए और अब तो हमारे देश में लंबा समय गुजर गया है. अब तो राजनीतिक दृष्टि से जनता भी काफी जागरुक हो चुकी है.
सवाल- अखिलेश और राहुल के महागठबंधन पर आपका क्या कहना है?
जवाब- ये गठबंधन किसी भी सूरत में बीजेपी को नुकसान नहीं पहुंचा सकता, बल्कि इस गठबंधन से भारतीय जनता पार्टी को लाभ हुआ है. प्रदेश की जनता ने ये स्वीकार कर लिया है कि भारतीय जनता पार्टी से अकेले चुनाव लड़ने की हिम्मत समाजवादी पार्टी के अंदर नहीं है और ना ही कांग्रेस पार्टी में है. जिस कांग्रेस पार्टी का पूरी जिंदगी विरोध करते हुए मुलायम सिंह यादव ने अपनी पार्टी को खड़ा किया था, उसी के साथ समाजवादी पार्टी का गठबंधन हो जाए, ये हास्यास्पद और चौंकाने वाला नहीं है तो और क्या है. चाहे बसपा हो, कांग्रेस हो, या समाजवादी पार्टी हो, इन सभी पार्टियों ने पहले से ही अपनी हार मान ली थी और ये सारी राजनीतिक पार्टियां हारी हुई लड़ाई लड़ रही थीं.
बहुजन समाज पार्टी बहुत पीछे है. इस समय भारतीय जनता पार्टी की लड़ाई कहीं पर सपा-कांग्रेस गठबंधन और कहीं बहुजन समाज पार्टी से है. लेकिन ये सब लोग बहुत पीछे हैं. भाजपा पूर्ण बहुमत हासिल करने जा रही है.
सवाल- आपको क्या लगता है, जनता आपको क्यों वोट दे रही है?
जवाब- समाजवादी पार्टी सरकार के मुख्यमंत्री ये दावा करते हैं कि उनका विकास बोल रहा है लेकिन हमने अपनी सभाओं में देखा है कि विकास के बोल की आवाज कहीं सुनाई नहीं दे रही है. भूतल पर उनका विकास कहीं दिख नहीं रहा है.
सवाल- गायत्री प्रजापति मामले पर आप क्या कहेंगे?
जवाब- क्लीन सरकार देने का अगर कोई पार्टी काम कर सकती है तो वो भारतीय जनता पार्टी है. जिस कैबिनेट मंत्री के ऊपर सामूहिक बलात्कार के आरोप लगे हों और जिसके खिलाफ स्वयं सुप्रीम कोर्ट को बीच में आना पड़ा हो, उसको आज तक जो मुख्यमंत्री अपनी कैबिनेट में बना कर रखा हुआ है, वो मुख्यमंत्री कैसे ये दावा कर सकता है कि हम देश के सबसे बड़े राज्य को क्लीन सरकार देंगे. ये संभव नहीं है. मुझे लगता है कि पुलिस प्रशासन के ऊपर कोई दबाव है नहीं तो ऐसा नहीं हो सकता कि पुलिस की नजरों से कोई बचकर चला जाए. ऐसा नहीं हो सकता.
हमारी सत्ता आएगी तो निश्चित रूप से कार्रवाई होगी और वो सलाखों के पीछे होंगे, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है. मैंने भी सरकार चलाई है, आपने देखा होगा जिनके बारे में थोड़ी भी शिकायत मुझे प्राप्त हुई, मैंने मंत्री मंडल से उन्हें बाहर किया, मैं नाम नही लेना चाहूंगा. क्या ऐसे सरकार चलाई जाती है कि बलात्कार का आरोपी मंत्री मंडल में बैठा हो?
सवाल- एंटी-इनकंबेंसी बीजेपी के खिलाफ होगी या समाजवादी पार्टी के?
जवाब- एंटी-इनकंबेंसी बीजेपी के खिलाफ क्यों होगी. एंटी इनकंबेंसी खिलाफ होगी तो समाजवादी पार्टी के खिलाफ होगी, क्योंकि उन्होंने कुछ किया नहीं है. जहां तक भारतीय जनता पार्टी का प्रश्न है, केंद्र में हमारी सरकार है, मोदी जी प्रधानमंत्री हैं और आपने देखा होगा कि पौने-तीन वर्षों का समय गुजर जाने के बाद भी किसी ने ना तो हमारे प्रधानमंत्री के ऊपर और ना ही हमारी सरकार के ऊपर किसी भी तरह का कोई प्रश्न-चिन्ह नहीं लगाया. नियत पर आजतक किसी ने प्रश्नचिन्ह नहीं लगाया है. इस पर विवाद हो सकता है कि काम कितना होना चाहिए था और कितना हुआ. लेकिन, पीएम मोदी या सरकार की क्लीन इंटेनशन पर कोई सवाल नहीं उठा सकता.
सवाल- आपने यूपी में सीएम चेहरा क्यों घोषित नहीं किया?
जवाब- ये तो हम लोगों की रणनीति का हिस्सा है. इससे पहले भी हम लोगों ने चुनाव लड़े हैं जहां पर हमने सीएम उम्मीदवार प्रोजेक्ट नहीं किया है. फिर भी हम चुनाव जीते हैं. छत्तीसगढ़, झारखंड, हरियाणा और महाराष्ट्र में यही हुआ. हम लोगों ने चीफ मिनिस्टेरियल कैंडिडेट प्रोजक्ट नहीं किया था. फिर भी हम लोग चुनाव जीते हैं और हमारी सरकारें अच्छी चल रही हैं.
जिस तरीके से सपा, बसपा और कांग्रेस सरकार चलाती हैं, ये सरकार चलाने का तरीका नहीं है. सरकार चलाने वालों को इस बात का बराबर ध्यान रखना चाहिए कि जो उसका मुखिया है उसे हाई मोरल ग्राउंड पर खड़े होना चाहिए. ऐसा नहीं होना चाहिए जैसा इस समय हो रहा है कि लोगों के ऊपर भ्रष्टाचार के आरोप हैं, फिर भी कैबिनेट में बने हुए हैं. ऐसे सरकार नहीं चलती.
सवाल- क्या आप सीएम का चेहरा बनकर आएंगे?
जवाब- नहीं नहीं ऐसा नहीं है. हमारे यहां तो संसदीय बोर्ड फैसला लेगी. जरूरत पड़ी तो विधायकों से राय ली जाएगी. उस पार्लियामेंट्री बोर्ड का हिस्सा मैं भी हूं.
सवाल- क्या यूपी जाने का मन होता है?
जवाब- यूपी के साथ लगाव है. पार्टी ने इस समय जिम्मेदारी गृहमंत्री के रूप में दे रखी है.
सवाल- बिहार चुनाव के समय जेएनयू का मुद्दा उठा, अब रामजस का मुद्दा उठा. कहा जा रहा है कि जब से बीजेपी की सरकार आई है तब से फ्रीडम ऑफ एक्सप्रेशन का अधिकार खत्म हो गया है. आप क्या मानते हैं?
जवाब- मैं ऐसा नहीं मानता हूं. फ्रीडम ऑफ एक्सप्रेशन पहले की अपेक्षा बढ़ा है. दिल्ली पुलिस कमिश्नर से हमारी बात हुई. मैंने स्वयं सुझाव दिया था कि संयम से काम लिया जाए. दिल्ली पुलिस ने जहां तक बन सका है, संयम से काम लेने की अपनी तरफ से भरपूर कोशिश की है. लेकिन मैं ये सुझाव देना चाहता हूं कि भारत के जिस भी नागरिक को विचार व्यक्त करने हैं करे. लेकिन, भारत विरोधी न लगाने चाहिए, ना ही ऐसे नारों के पोस्टर्स कहीं चिपकाने चाहिए. इसको देश किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं करेगा.
सवाल- इसी पर लोग बोल रहे हैं कि फ्रीडम ऑफ एक्स्प्रेशन खत्म हो रहा है. आप लोग रिपोर्ट मंगवाते रहते हैं, लेकिन कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है?
जवाब- कार्रवाई करना पुलिस का काम है. पुलिस जो भी कार्रवाई करेगी वो विधि सम्मत होगा. वो काम अपना पुलिस को करना है. उस संबंध में हम लोग हस्तक्षेप नहीं करते. जो भी न्यायसंगत होगा वो पुलिस करेगी.
सवाल- आप लोगों के संज्ञान में सारी बातें आती रहती हैं.
जवाब- संज्ञान में तो सारे देश के रहती हैं.
सवाल- चुनाव के समय ऐसा ही क्यों हो रहा है? बिहार चुनाव के समय भी अवॉर्ड वापसी हुई. क्या आपको लगता है कि इसके पीछे कुछ ताकते हैं?
जवाब- जब कभी-भी चुनाव का समय आता है तब इस प्रकार की हरकतें शुरू हो जाती हैं. आपने सही कहा कि बिहार चुनाव के पहले भी अवॉर्ड वापसी का सिलसिला शुरू हुआ. अब इधर 5 राज्यों के चुनाव हो रहे हैं, उस समय ये सारी बातें शुरू हो गईं. मैं समझता हूं कि कुछ ना कुछ ऐसी ताकतें हैं जो इसके पीछ हैं. मेरा यही मानना है.
सवाल- नोटबंदी के बाद से कश्मीर में पत्थरबाजी की घटनाएं रूकी थीं. लेकिन फिर से बढ़ना शुरू हो गई हैं. आपको लगता है सीमापार से फिर बढ़ावा मिलना शुरू हो गया है?
जवाब- कहीं ना कहीं से कुछ है. इसमें कोई दो मत नहीं है. पाकिस्तान तो अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है. लेकिन कश्मीर की समस्या सुलझाने की हर संभव कोशिश हम कर रहे हैं और इसमें मैं तो सभी राजनीतिक दलों का सहयोग चाहूंगा. इस समस्या का पूर्ण समाधान निकले, इस संबंध में ये जो सत्र प्रारंभ हो रहा है उस दौरान विभिन्न राजनैतिक दलों से भी मैं बात करूंगा. उनका भी सहयोग लेकर हम इसका समाधान निकालने की कोशिश करेंगे.
सवाल- ये घटनाएं क्यों बढ़ रही हैं? आप लोगों के पास क्या इनपुट है. इस तरह की घटनाएं बार-बार क्यों हो रही हैं?
जवाब- कारणों की चर्चा करना सार्वजनिक रूप से उचित नहीं है. लेकिन हम लोगों को जानकारी है कि क्यों इस प्रकार की घटनाएं बढ़ रही हैं. उन कारणों का निवारण करेंगे.
सवाल- सारी पार्टियों को साथ में लेकर. क्योंकि आप देख रहे होंगे कि फारुख अब्दुल्ला भी उल्टी बातें करने लगे हैं. अलगाववादियों के फेवर में आ गए हैं.
जवाब- मैं इस पर कोई कमेंट नहीं करना चाहूंगा. हम लोगों की तरफ से यही कोशिश होगी कि कश्मीर की समस्या का समाधान हो. ऐसा इसलिए क्योंकि, कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा था, है और भविष्य में भी रहेगा. इतना ही मैं आश्वस्त करना चाहता हूं.
सवाल- पाकिस्तान कश्मीर के बहाने फिर सिर उठाने लगता है. इस पर क्या कहेंगे?
जवाब- पाकिस्तान हमारा पड़ोसी देश है. हम लोगों ने अपनी तरफ से भरपूर कोशिश की कि अपने पड़ोसी देश के साथ हम लोगों के रिश्ते बेहतर हों. आपने देखा होगा कि पीएम ने स्वयं आमंत्रित किया था सारे देशों के राष्ट्राध्यक्षों को शपथ ग्रहण के समय भी. इसके बाद में भी कई ऐसे मौके आए जब पीएम ने अच्छे संबंध बनाने के लिए दरियादिली का परिचय दिया था. लेकिन क्या मजबूरी है पाकिस्तान की, पाकिस्तान को इन हरकतों से बाज आना चाहिए.
सवाल- सैनिक बलों और अर्धसैनिकबलों पर बहुत हमले बढ़ गए. बहुत नुकसान भी हो रहा है. कई सैनिक शहीद भी हो गये हैं.
जवाब- वैसे जब कभी-भी हमारी सेना का जवान, सुरक्षा का जवान शहीद होता है, निश्चित रूप से हम बहुत आहत होते हैं. इसमें कहीं कोई दो राय नहीं है. लेकिन हमारे सेना के जवान अपने प्राणों की बाजी लगाकर देश की सुरक्षा के अपने काम को पूरी तरह से अंजाम दे रहे हैं और उन्हें कामयाबी भी हासिल हो रही है. वो बधाई के पात्र हैं. जितनी भी उनकी प्रशंसा की जाए वो कम है.
सवाल- बीच-बीच में सेना के जवानों के जो वीडियो सामने आए, उनके बारे में क्या कहेंगे?
जवाब- नहीं नहीं, जो कुछ भी हुआ था उसकी रिपोर्ट बाहर आ चुकी है.
सवाल- पांच राज्यों में चुनाव हैं. आप कौन-कौन से राज्य बीजेपी को दे रहे हैं?
जवाब- यूपी दे रहा हूं, उत्तराखंड दे रहा हूं, गोवा दे रहा हूं और मणिपुर में भी बीजेपी अपनी सरकार बनाने जा रही है. पंजाब के बारे में मैं अभी विश्वास के साथ कुछ कह नहीं पाऊंगा. अब तो 11 तारीख को चुनाव परिणाम आएंगे, तब स्थिति स्पष्ट हो जाएगी.