Bjp Sitting Councilor Become Rebel – एमसीडी चुनाव: बीजेपी पार्षदों में बगावत तय, पार्टी ने दी सख्‍त कार्रवाई की चेतावनी



Bjp Sitting Councilor Become Rebel

दिल्ली में बीजेपी के किसी भी पूर्व निगम पार्षद को चुनाव न लड़ाने के फैसले से वर्तमान बीजेपी पार्षदों में खलबली मची हुई है. खबर है कि पार्टी हाईकमान के इस फैसले से नाराज़ होकर कुछ पार्षदों ने तो बागी होने का भी मन बना लिया है. उधर पार्टी हाईकमान ने भी साफ़ कर दिया है कि फैसले का विरोध करने को अनुशासनहीनता माना जाएगा और ज़रूरी कार्रवाई भी की जाएगी.
पार्टी से बगावत की तैयारी में पार्षद

सांकेतिक तस्वीर

बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी के मंगलवार को पूर्व पार्षदों को चुनाव नहीं लड़ाने के फैसले से ही वर्तमान पार्षदों में हड़कंप मच गया है. गौरतलब है कि इस फैसले को सुनकर ईस्ट एमसीडी के पटपड़गंज से निगम पार्षद संध्या वर्मा तो सबके सामने रोने ही लगीं थीं. कुछ पार्षदों ने पार्टी हाईकमान से इस बात की भी गुहार लगाई है कि इस फैसले पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए.
सूत्रों की माने तो कुछ बीजेपी पार्षद फैसले के खिलाफ बागी होने के लिए भी तैयार हैं. इनमें ऐसे पार्षदों की तादाद ज्यादा हो सकती है जिन्होंने साल 2012 का एमसीडी चुनाव निर्दलीय या फिर किसी और पार्टी के बैनर तले लड़ा था. बगावत करने वाले निगम पार्षदों की तादाद साउथ एमसीडी में सबसे ज्यादा बताई जा रही है.
कौन से पार्षद बाद में हुए थे शामिल
बता दें कि साउथ एमसीडी से निगम पार्षद चंद्र प्रकाश, किशन सहरावत, प्रदीप कुमार, धर्मवीर अवाना, प्रवीण राजपूत, वीर सिंह आदि ने बीजेपी के बैनर से चुनाव नहीं लड़ा था. इसी तरह नॉर्थ एमसीडी में निगम पार्षद ज्योति अग्रवाल, गुलाब सिंह राठौर, भूमि रछौया, परमेश चौहान, प्रमोद तंवर भी निर्दलीय या दूसरी पार्टी के बैनर तले चुनाव लड़े थे.
ईस्ट एमसीडी में त्रिलोकपुरी से निगम पार्षद कमल ने निर्दलीय चुनाव लड़ा था और उसके बाद वह बीजेपी में शामिल हो गए थे. कमल ने कुछ दिन पहले ही बीजेपी से इस्तीफा दे दिया है. कमल का कहना है कि वह फिर से चुनाव लड़ेंगे. निर्दलीय और दूसरी पार्टी से चुनाव लड़कर बीजेपी में शामिल होने वाले निगम पार्षदों के अलावा बीजेपी के भी कुछ निगम पार्षद ऐसे हैं जो बगावत का रास्ता अपना सकते हैं. बीजेपी के कुछ सीनियर नेताओं का तो यहां तक कहना है कि कुछ पार्षद ऐसे हैं जो यदि निर्दलीय भी चुनाव लड़ लें तो उन्हें जीतने से कोई नहीं रोक सकता.
बीजेपी हाईकमान भी बागियों से निपटने के लिए तैयार
निगम पार्षदों के बगावत का रास्ता अपनाने के सवाल पर बीजेपी ने भी अपना रुख साफ़ करते हुए कड़ी कार्रवाई करने की बात कही है. बीजेपी के प्रवक्ता अश्विनी उपाध्याय ने कहा कि वर्तमान पार्षदों को टिकट न देने का फैसला पूरी तरह से सोच-समझकर और आवश्यक विचार-विमर्श के बाद लिया गया है.  इसका मुख्य उद्देश्य युवाओं को अधिक से अधिक मौका देना है. उन्होंने कहा कि हमारे लिए राजनीति सेवा का माध्यम है, केवल चुनाव लड़ना ही अंतिम उद्देश्य नहीं है. आम आादमी पार्टी और कांग्रेस भ्रष्टाचार, जातिवाद, वंशवाद और परिवारवाद को बढ़ावा देती हैं जबकि बीजेपी हमेशा से इन चार बुराइयों के खिलाफ लड़ाई लड़ती रही है.
उपाध्याय ने कहा कि सभी निगम पार्षद पार्टी के फैसले से सहमत हैं. मुझे नहीं लगता कि कोई भी इस फैसले पर सवाल खड़े करेगा. यदि किसी ने पार्टी फैसले के विरुद्ध जाकर काम किया तो उसे विरुद्ध कड़ी कार्रवाई होगी. पार्टी की अनुशासन समिति इन पर फैसला करेगी.