Amit Shah Asks Why Only Six Hundred Crore Budget For Crematorium – अमित शाह बोले, किसी को नए नोट में कमल दिखता है तो उसे बीजेपी फोबिया हो गया है



Amit Shah Asks Why Only Six Hundred Crore Budget For Crematorium

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने न्यूज18इंडिया के एग्जीक्यूटिव एडिटर अमिश देवगन के साथ बात की. बात करते हुए उन्होंने कहा कि यूपी में अखिलेश सरकार ने कब्रिस्तान के लिए पांच साल में 1200 करोड़ रुपये जबकि श्मशान के लिए केवल 600 करोड़ रुपये का बजट दिया.
अमित शाह ने उत्तर प्रदेश चुनाव दो-तिहाई बहुमत से जीतने का दावा किया है. अमित शाह ने साक्षी महाराज के बयान से किनारा करते हुए कहा कि साक्षी महाराज के बयान को आप बीजेपी का बायन नहीं मान सकते. प्रदेश के किसी कोने में पार्टी के एक कार्यकर्ता के बयान को आप पार्टी की रणनीति मान लेंगे, ये तो हमारे साथ अत्याचार है. पढ़ें अमित शाह का पूरा इंटरव्यू-

इंटरव्यू देते बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह

सवाल: 2014 में आपने यूपी में बीजेपी का परचम लहराया था, क्या वही रिपीट होगा?
जवाब: जहां 2014 का सवाल है, बीजेपी के कार्यकर्ताओं की मेहनत से सफलता मिली है. और पीएम की लोकप्रियता के कारण भी, दोनों ही चीजों से सफलता मिली थी. इस बार हम सुनिश्चित रूप से इससे अच्छा करेंगे.
सवाल: क्या आप की प्रतिष्ठा दांव पर है?
जवाब: प्रतिष्ठा दांव पर है या नहीं ये जनता को निर्णय करने दीजिए. हम चुनाव जीत रहे हैं. 5वें चरण में सरकार बनने का काम पूरा हो चुका है, छठा और सातवां चरण हमें दो तिहाई बहुमत के पार ले जाएगा.
सवाल: बीजेपी पर बार-बार ध्रुवीकरण करने का आरोप लगता है?
जवाब: कैसे?
सवाल: साक्षी महाराज कहते हैं.
जवाब: साक्षी महाराज के बयान को आप बीजेपी का बयान नहीं मान सकते. जब प्रदेश के अंदर पीएम प्रचार कर रहे हैं, तमाम केंद्रीय मंत्री प्रचार कर रहे हैं, मैं खुद चुनाव को देख रहा हूं तो प्रदेश के किसी कोने में पार्टी के एक कार्यकर्ता के बयान को आप पार्टी की रणनीति मान लेंगे ये तो हमारे साथ अत्याचार है.
सवाल: पांचवें चरण के बाद जो बुर्के वाला बयान आया है उसके बारे में आप क्या कहेंगे?
जवाब: हमने कहा है कि मुस्लिम महिलाएं पर्दा रखती हैं, इनकी मर्यादा बनी रहे इसके लिए हमने महिला सुरक्षाकर्मी का प्रबंध करने की मांग रखी है. इसमें बुराई क्या है? इसमें क्या गलत है?
सवाल: आपका एजेंडा क्या है यूपी चुनाव में?
जवाब: हमारा एजेंडा विकास है. 15 साल से सपा-बसपा-सपा का जो शासन चला है उसने बहुत बड़ी अव्यवस्था की है. अपार संभावना वाला उत्तर प्रदेश विकास के रास्ते में अन्य प्रदेशों से पिछड़ गया है.
सवाल: डिंपल यादव कहती हैं कि बीजेपी बिजली के तारों में भी हिंदू मुस्लिम ढूंढ लेती है?
जवाब: उनके बयान पर मैं कोई प्रतिक्रिया नहीं देता. लेकिन अगर बिजली देने में हिंदू मुस्लिम नहीं किया होता तो ये बात उठती ही नहीं.
सवाल: आजादी के 70 सालों बाद भी आज 24 घंटे बिजली के लिए बात हो रही है, ये गलत नहीं है क्या?
जवाब: यही तो हमारा मुद्दा है कि आजादी के इतने सालों बाद भी 24 घंटे बिजली क्यों नहीं है. 15 साल एसपी और बीएसपी ने बर्बाद कर दिए. इन्ही 15 सालों में बीजेपी शासित राज्यों में हमने 24 घंटे राज्यों में देनी शुरू कर दी है.
सवाल: विपक्ष बोल रहा है कि वाराणसी में बीजेपी की हालत खराब है इसलिए पीएम को मैदान में उतरना पड़ा?
जवाब: रोड शो की भीड़ देख कर कोई मूर्ख ही ऐसा कह सकता है कि कैंप करने की जरूरत है. कोई सांसद चुनाव के वक्त अपने मतदाताओं से मिले तो इसमें बुरा क्या है. लोकतंत्र में आप इसे कैसे नकार सकते हैं.
सवाल: क्या आपको लगता है कि पीएम की साख दांव पर है?
जवाब: कोई साख दांव पर नहीं है.
सवाल: बीएसपी ने शिकायत की है कि पीएम का रोड शो करना गलत है?
जवाब: शिकायत पर चुनाव आयोग कार्रवाई करेगा.
सवाल: क्या आपको लगता है कि गायत्री के मामले में जानबूझकर ढिलाई बरती गई है?
जवाब: बिल्कुल ढिलाई बरती गई है. एफआईआर के लिए सुप्रीम कोर्ट के पास जाने की जरूरत क्यों पड़ी. उसके लिए सुप्रीम कोर्ट के पास जाकर एफआईआर दर्ज हुई और देखिए कि गायत्री प्रजापति के चुनाव होने तक उन्हें गिरफ्तार भी नहीं किया जाता है. उसके बाद उनकी गिरफ्तारी करने की कोशिश की जाती है. कुछ दिन पहले मैंने सुना कि मुख्यमंत्री अपील करते हैं कि गायत्री को सरेंडर करना चाहिए. सीएम का काम अपील करना होता है क्या? उनका काम गिरफ्तार करना है.
सवाल: क्या आपको लगता है कि इस मामले का चुनाव में आपको फायदा होगा?
जवाब: गायत्री प्रजापति का मामला चुनावों के समय में आया है. काफी सुर्खियों में भी रहा है. ऐसे मामले हर जिले में पड़े हैं. समाजवादियों के खिलाफ कहीं मामला दर्ज नहीं होता.
सवाल: विकास और कानून व्यवस्था में से आपके लिए कौन सा मुद्दा ज्यादा महत्वपूर्ण है?
जवाब: दोनों एक दूसरे से जुड़े हुए मुद्दे हैं. बिना कानून व्यवस्था के विकास संभव नहीं है. दोनों मुद्दों को अलग नहीं कर सकते.
सवाल: बीजेपी की लड़ाई किससे है, बीएसपी से या एसपी से?
जवाब: बीएसपी-एसपी की एक दूसरे के साथ दूसरे और तीसरे नंबर के लिए लड़ाई है. बीजेपी काफी कंफर्टेबल बहुमत की ओर बढ़ चुकी है.
सवाल: सपा का आरोप है कि बीएसपी और बीजेपी साथ में मिलकर चुनाव लड़ रहे हैं. डिंपल ने 2000 का नोट भी दिखाया जिसमें वो कमल और हाथी छपे हैं ये वो दिखा रही हैं.
जवाब: आरबीआई के नोट में किसी को बीजेपी दिखती है तो मतलब बीजेपी का फोबिया हो गया है. बीएसपी अपना चुनाव लड़ रही है, बीजेपी अपना और एसपी अपना. दोनों पार्टियों को जनता ने आजमा कर देख लिया है. 15 साल बर्बाद किए हैं. केंद्र सरकार के ढाई साल का कार्यकाल भी देख लिया है. जनता बड़ी उम्मीद के साथ देख रही है हमारी तरफ. यूपी में 50 लाख महिलाएं उज्ज्वला योजना के तहत सिलेंडर का इस्तेमाल कर रही हैं. यूपी की हजारों गांवों में बिजली भी पहुंचाई है हमने. लेकिन स्टेट सब्जेक्ट यानि कानून-व्यवस्था जैसे मसले तब तक ठीक नहीं होंगे जब तक वहां पर हमारी सरकार नहीं आती.
सवाल: क्या 2017 की तरह यूपी में बीजेपी की लहर है?
जवाब: मैंने यूपी में बीजेपी की आंधी महसूस की है.
सवाल: अखिलेश का कहना है कि 2017 से बीजेपी की हार शुरू होगी और 2019 में मोदी बाहर हो जाएंगे.
जवाब: हम दो तिहाई बहुमत से चुनाव जीतने जा रह हैं.
सवाल: अखिलेश का आरोप है कि बीजेपी ने उनका घोषणा पत्र कॉपी किया है?
जवाब: लेकिन वो बताते नहीं है कि क्या कॉपी किया है. इन्होने थोड़े-बहुत लैपटॉप बांटे हैं लेकिन जाति और धर्म के आधार पर बांटे हैं.
सवाल: आपके घोषणा पत्र में एंटी रोमिया स्कवॉड पर सवाल उठा रहे हैं.
जवाब: सवाल उठा रहे हैं तो इसका मतलब है कि इन लोगों ने ठीक से इस बात को समझा नहीं है. ये कोई एक्सट्रा कॉन्स्टिट्यूटिव संस्था नहीं होगी बल्कि थाने में ही पुलिसकर्मियों का एक स्कवॉड बनेगा जो महिला सुरक्षा पर ध्यान देगा.
सवाल: आप बोलते हैं कि पुलिसथाने सपा के कार्यालय बन गए हैं.
जवाब: हम नहीं कहते जनता कहती है, हम सिर्फ जनता की बात को आवाज दे रहे हैं.
सवाल: अमर सिंह ने कहा कि यादव परिवार के झगड़ा फिक्स था?
जवाब: जनता उनको पहचान चुकी है. सपा को जनता ने स्वीकर नहीं किया.
सवाल: नोटबंदी-ब्रह्मास्त्र या ब्रह्मराक्षस साबित होगा इस चुनाव में?
जवाब: इसका हमें बहुत फायदा हो रहा है. मैं तो चाहता हूं कि विपक्ष इसे बारबार उठाए.
सवाल: सर्जिकल स्ट्राइक से चुनावी फायदा होगा?
जवाब: सर्जिकल स्ट्राइक चुनावी फायदे के लिए नहीं की जाती. लेकिन अगर कोई सरकार दृढ़ता से कोई कदम उठाती है तो उसका फायदा होता ही है. हर रैली में इस मुद्दे को उठाना ही चाहिए.
सवाल: हर चुनाव से पहले राष्ट्रवाद का मुद्दा उठता है. पहले जेएनयू और अब रामजस.
जवाब: राष्ट्रवाद पर बीजेपी अपने जन्म से स्पष्ट है. जो बहस खड़ी करता है उससे पूछिए.
सवाल: राहुल गांधी पर.
जवाब: राहुल गांधी के बयान पर मेरी कहां टिप्पणी मांगते हैं, हमारे प्रवक्ता देते रहते हैं.
सवाल: शीला दीक्षित ने कहा है कि राहुल गांधी मैच्योर नहीं हुए हैं अभी.
जवाब: शीला जी को इन्होने गठबंधन से पहले अपनी सीएम कैंडिडेट बनया था. वो कह रही हैं कि राहुल अभी मैच्योर नहीं हुए हैं. मैं सिर्फ शीला जी के बयान को यूपी की जनता के सामने रखना चाहता हूं.
सवाल: आपने सीएम कैंडिडेट घोषित नहीं किया?
जवाब: सीएम कैंडिडेट घोषित नहीं करना हमारा रणनीतिक फैसला है. ये सही है या नहीं, ये तो कुछ दिनों में ही पता चल जाएगा.
सवाल: एसपी-कांग्रेस गठबंधन जिस दिन हुआ उस समय अमित शाह क्या सोच रहे थे?
जवाब: इस गठबंधन के बाद जनता जान चुकी थी कि सपा ने हार स्वीकार कर ली है.
सवाल: यूपी के लड़के बनाम बाहरी मोदी लड़ाई बनाने की कोशिश की जा रही है?
जवाब: पीएम कभी भी किसी भी राज्य में प्रचार करे इसको कोई मुद्दा नहीं बना सकता. वो देश के पीएम हैं. अब कोई नहीं बोल रहा है यूपी के लड़के, पहले बोल रहे थे अब बंद कर दिया है.
सवाल: क्या मोदी फोबिया है?
जवाब: मुझे आश्चर्य है कि पीएम के वाराणसी में प्रचार करने को मुद्दा बना रहे हैं. किसी भी सांसद को जाना ही चाहिए अपने मतदाताओं से संपर्क करने. जो नहीं जाते वो गलत करते हैं.
सवाल: पूर्वांचल की लड़ाई में बीजेपी ने पूरी ताकत झोंक दी है. रात को 3-3 बजे तक मीटिंग चल रही है?
जवाब: वाराणसी को पूर्वांचल को एक करके देखना गलत है. बनारस पूर्वांचल का केंद्र है इसलिए यहां पर केंद्र बनाया गया है. रात को तीन बजे तक मीटिंग चल रही है, वो दो तिहाई सरकार बनाने के हिस्से के रूप में हो रही है. 2014 से अच्छा परिणाम आने वाला है. हम दो तिहाई बहुमत से जीतने जा रहे हैं.
सवाल: महाराष्ट्र, गुजरात, उड़ीसा और उपचुनाव में जीत के संदेश को सुनेगी यूपी की जनता?
जवाब: ये तो पता नहीं कि महाराष्ट्र-गुजरात-उड़ीसा और उपचुनावों का संदेश सुनेगी या नहीं लेकिन यूपी ने ढाई साल तक पीएम के अच्छे कामों का अनुभव किया है. और 15 साल तक जो यहां शासन चला है उसका भी अनुभव हो रहा है, उसी आधार पर वोट देगी.
सवाल: अखिलेश यादव ने अमिताभ और गधे के बारे में बात की है?
जवाब: अखिलेश जी को पूछो ये तो, मोदी जी ने उनको बताया ही है.
सवाल: आपको नहीं लगता कि चुनावों के समय भाषा का स्तर काफी नीचे आ गया है? काफी अभद्र टिप्पणी की जाती है.
जवाब: कई बार अभद्र टिप्पणी होती है, लेकिन उसी भाषण में काम की बात भी होती है. 40 मिनट का भाषण होता है, उसमें एक मिनट की बात को नहीं पकड़ना चाहिए. चाहे वो भाषण किसी का भी हो.
सवाल: आपका कसाब वाला बयान ठीक था?
जवाब: मैं उस बयान पर स्टैंड करता हूं.
सवाल: मायावती कहती हैं बीजेपी सत्ता में आई तो आरक्षण खत्म कर देगी?
जवाब: बिल्कुल झूठी बात है. बीजेपी आरक्षण की मौजूदा व्यवस्था की समर्थक है. कोई बदलाव नही चाहती है.
सवाल: क्या रहेगा चुनाव परिणाम?
जवाब: गोव-उत्तराखंड और यूपी में हम जीतने वाल हैं. मणिपुर में हमारी स्थिति अच्छी है. पंजाब में त्रिकोणीय कांटे की टक्कर है, वहां परिणाम क्या आएगा कहना मुश्किल है.
सवाल: मुस्लिम लोगों को टिकट क्यों नहीं दिया?
जवाब: आपने एसपी-बीएसपी से पूछा कि प्रो रेटा से ज्यादा टिकट क्यों दिया? हम प्रत्याशी जीतने की क्षमता के आधार पर बनाते हैं. पांचवे चरण में सरकार बनाने का काम समाप्त हो चुकी है. दो तिहाई का मतलब 260 होता है.
सवाल: चुनाव के इस चरण में जनता से क्या कहना चाहेंगे?
जवाब: हमारा घोषणा पत्र को देखें. हमने यूपी के विकास का खाका जनता के सामने रखा है. किसानों के लिए लोन माफी की बात हमने की है. किसानों के धान को सपोर्ट प्राइस पर खरीदेगी. सारे यांत्रिक कत्लखाने हम बंद करेंगे. लड़कियों को कॉलेज तक की शिक्षा फ्री करने की बात की है. हमने चौथी और तीसरे स्तर की नौकरी में इंटरव्यू खत्म करने की बात की है.
सवाल: कत्लखाने पर सपा और बीएसपी का रिएक्शन है कि इससे बेरोजगारी बढ़ेगी?
जवाब: सबका देखना का नजिरया है. हमारी सरकार के बाद ये लोग बेरोजगार ना हो जाएं. दुग्ध उत्पादन में यूपी पिछड़ा हुआ है. इसका कारण है कत्लखाने.
सवाल: कब्रिस्तान और श्मशान की बात पीएम द्वारा उठाना सही था क्या?
जवाब: पीएम ने यूपी के अंदर जो भेदभाव पूर्ण तरीके से शासन किया है उसे जनता के सामने रखा है. कब्रिस्तान के लिए 5 साल में 1200 करोड़ का बजट श्मशान के लिए 600 करोड़ का बजट. जबकि जनसंख्या का रेशो 80:20 का है. तो आप समझ सकते हैं. शासन के अंदर मतों के तुष्टिकरण के लिए जिस प्रकार से तुष्टिकरण को अप्लाई किया जाता है तो ये गलत है.
सवाल: 2019 के चुनाव को कितना प्रभावित करेगा ये चुनाव?
जवाब: देश की राजनीति और देश के विकास के लिए महत्वपूर्ण है. जातिवाद, परिवारवाद, तुष्टिकरण की राजनीति का अंत होने की शुरुआत होगी और पॉलिटिक्स ऑफ परफॉरमेंस की बात होगी. जब तक यूपी में डबल डिजिट ग्रोथ रेट नहीं होता तब तक देश डबल डिजिट ग्रोथ रेट नहीं हो सकता. 2019 की जीत की नींव डलेगी, हारने का सवाल ही नहीं. मैं लोगों के बीच में रहता हूं इसलिए मुझे आत्मविश्वास है. 193 विधानसभाओं में मैं घूमा हूं.
सवाल: 2017 के चुनाव में मजा आया या 2019 के चुनाव में?
जवाब: मैं चुनाव मजे के लिए नहीं लड़ता. चुनाव देश की राजनीति को सही दशा में ले जाने के लिए हैं. 2019 के चुनाव में जीत की नींव 2017 का चुनाव डालेगा. ये चुनाव जातिवाद, परिवारवाद, तुष्टिकरण को दूर करेगा.
सवाल: क्या ये चुनाव मोदी सरकार के 3 साल के कार्यकाल का रेफरेंडम होगा?
जवाब: ये तो 2019 में होगा. ये रेफरेंडम अखिलेश की 5 साल की सरकार पर होगा लेकिन हमारे ढाई साल बीत चुके है. जनता उसको भी ध्यान में रखेगी. उसका भी वेटेज होगा.
सवाल: स्टार रणनितिकार हैं तो पीएम स्टार प्रचारक.
जवाब: पीएम अपनी पार्टी को जिताने के लिए रैली नहीं करें क्या?  10 साल में आपको ऐसे पीएम की आदत हो गई है जो कहीं दिखता नहीं था. क्यों ना जाए पीएम. पहले नेहरू, इंदिरा गांधी सभी लोग करते थे.
सवाल: 11 मार्च को 11 बजे तक पिक्चर साफ हो जाएगी?
जवाब: 12-12.30 बजे तक काउंटिंग समाप्त हो जाएगी.
सवाल: 5 मैचों की सीरीज में बीजेपी का स्कोर कितना होगा?
जवाब: यूपी-उत्तराखंड-गोवा में हमारी सरकार बन रही है. मणिपुर में हम अच्छी स्थिति में हैं. पंजाब के अनुमान लगाना कठिन है.
सवाल: 2014 में जो लहर चली, यूपी में वो लहर वापस आ पाएगी?
जवाब: 2014 से बहुत बड़ी लहर बीजेपी के पक्ष में यूपी में चल रही है. नतीजे देखिएगा सारे सवालों के जवाब मिल जाएंगे. दिल्ली और बिहार के बाद असम के चुनाव हुए हैं जहां पर बीजेपी को फायदा हुआ है. कई उपचुनाव जीते हैं हमने.
सवाल: परिणामों के बाद राहुल गांधी और अखिलेश यादव की जोड़ी कैसी दिखती है आपको?
जवाब: वो परिणामों को किस तरह से लेते हैं उस पर निर्भर है. उनकी हार निश्चित है.
सवाल: बीएसपी के बारे में?
जवाब: हम जीत रहे हैं तो बसपा भी हारेगी.
सवाल: अरविंद केजरीवाल को कैसे देखते हैं?
जवाब: अरविंद केजरीवाल दिल्ली के सीएम हैं. नगर निगम के चुनाव आ रहे हैं. दिल्ली की जनता देखेगी.